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Archive for the ‘खबर’ Category

dainikbhaskar.jpg फयरफोक्स इस्तेमाल करनेवाला ब्लोगर  या आपने अपने फोण्ट पर प्रसारित समाचार पद्मा 0.4.11 इनस्टाल करने से Dainik Bhaskar , Dainik Jagran , Rajasthan Patrika, Amar Ujala, Punjab Kesari, Hindustan Dainik, Abhivyakti,  Anubhuti आदि समाचार पत्रों को यूनिकोड में पढ सकते हैं। इसके सिवा उसके अंदर जो advertisements नजर आते है उनें आडब्लोक के सहायता से add के बगैर पढ सकते हैं। इन समाचार पत्रों को आखिर में यूनिकोड में आना ही पडेगा।

एक्स्प्लोरर में से पेस्ट करने पर ऐसे होगा। “·é¤ÀU çÎÙ ÂãUÜð ãUÙèȤ ·¤æð ¥æÌ¢·¤è ÕÌæÙð ÂÚU ÌéÜè Áæ´¿ °Áð´çâØæ´ ¥Õ Ì·¤ ·¤æð§ü ¥ãU× âÕêÌ ÙãUè´ ç×ÜÙð âð ¥ÂÙè ·¤æØüàæñÜè ·¤æð Üð·¤ÚU âßæÜæð¢ ×ð´ çƒæÚU »§ü ãUñ¢Ð  

फयरफोक्स में  Padma 0.4.11 इनस्टाल करने से फायदा सबको।

dainikbhaskar1.jpg यह चित्र में दैनिकभास्कर फयरफोक्स पर यूनिकोड में नजर आ रहे हैं।

यह मैं ने “दैनिक भासकर” से नकल किया हुआ हैं।

अर्द्धनग्न परेड की वजह कुछ और..!
गुजरात में अपने पति व सास के खिलाफ उत्पीड़न व दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाने वाली पूजा चौहान दरअसल बचपन से ही यौन शोषण का शिकार रही है।  

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सारे दुनियाँ में सम्पत्ती की लभ्यता पर भारत १२ स्थान पर पहूँचा हैं। उसकेलिये किसानों को कर्जेदार और गरीब रखना पडरहा हैं। रुपये की दाम उँचा रखनेकेलिये खाने पीने की चीजों का दाम कम रखना जरूरी हैं। उसकेलिये खेतों में उगलनेवाले धान्य की दाम कम रखने पर बेरोजगारी सरपर लेली हैं। उसी उद्देश प्राप्त करनेकेलिये तेल, गेहू आदि चीजों के आयात कर रहे हैं। बान्कों (Banks) की मुनाफा बडाने केलिये जमीन की documents जमा करके कर्ज या उदार देकर हुद्खुशी (suicide) करने केलिये मजबूर कर रहे हैं। विदर्फा में ८ घंटे में एक हुद्खुशी प्रधानमंत्री के पाकेज से पहले होता था अब ४ घंटे में एक हो गया। किसानों को मुनाफा होना कयी सालों से मना हैं।

किसानों को सपना देखने केलिये क्या क्या वादायें, तरीके, सुविधायें, बजट में भारि रकम वगैरा दिखाकर इस देश को सम्पन्न करने में केन्द्र सर्कार की तरफ से बहूत कुच्छ कर रहे हैं। घाटे में खेती कितने किसानों को कर सकेगा? अगर खेती की हाल कुच्छ साल यही होगा तो हमें खाने पीनेकेलिये सब्कुच्छ आयात करना पडेगा। किसान उत्पादक (producer) और consumer भी है। ऐसे हालात में सब्जी, चावल, गेहू आदि चीजों की सही दाम की लभ्यता चाह्ते हैं तो खाने पीने की चीजों की आयात बंद करना ही अच्छा होगा। किसानों के नाम पर आँसू बहाने से कोई भी कठिनाई हल नहीं होगा।  नारियल की तेल, पाँऒइल, सोयाबीन तेल वगैरह आयात करके सरसों, नारियल, मुम्फल्ली, सूरज मुखी आदि खेतियों के विनाश होरहा हैं। Agri business किसानों को लूट्नेकेलिये हैं।

जमीन की बर्बादी soil testing laboratories कर रहा है। एन.पि.के के जाँच और इस्तेमाल acidic soil बनाकर पौदों, पशु पक्षियों  और इन्सान को बीमारियाँ प्रदान कर रहे हैं। रासायनिक एन (नैट्रग्न) जमीन की इसतेमाल pH कम होने और पेड पौधों को भूखा मारते हैं। secondary neutrients & trace elements  के काम इन्को मालूम नहीं है क्या? जहरें झिडक कर जमीनि कीडाओं (earth worms) को मार दी और पीने की पानि भी बर्बाद करदी। दिन पर दिन कई किसम के बीमारियाँ फैल रहे है और इलाज मेहगा भी पडरहा हैं।  

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मैं ने कुच्छ साल पहले एक ड्रैयर का जोनकारी किसानों को दी। उसे अंग्रेजी नें छापी थी। कम खरचे में कारषिक उत्पन्न को सुखाने की यह सुविधा मैं किसानों के बीच मुफ्त में बांटना चाहता हँं। कोइ मुझे हिन्दी में अनुवाद करके देगा तो सब हिन्दी जाननेवालों को कीमती होगी।

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चिट्ठ चर्चा 

किसानों आप लोग सोरहा हैं क्या ?   अब समय आगया जागने का। जो खाने पीने की दाम बढजायेगा तो रुपये का मूल्य कम होजायेगा । उस वजह से सबजी, चावल, गेहू आदी चीजों की दाम बढने से रोकने की केशिश चारों तरफ से हो रहा हैं। sharemarket की इन्डेक्स बढें, जाली रुपया फैलें(जो नहीं होना चाहिए), सरकारी कर्मचारियों के धनका बढें, बेंकों (Banks) में पैसा deposit  ज्यादा होजायें तो रुपये की मूल्य बढ जायेगी और डोलर (dollar) की दाम कम होजायेगा। सरकारी कर्मचारियों को  पिछले 23 साल से धनका दस दशमल पाँच गुणा बडगया, खेतों में काम करने वाले मजदूर का भी दस गुणा बढा लेकिन सबजी, गेहू या चावल की दाम में कितना बढोत्री हुआ ? मेरा पेनषन (pension) 1985 में 372 था तो अब 3100 करीब हैं। जब मेरा DA बढेगा तब essential comodities में खाने पीने की चीजों को प्रथम स्थान हैं क्या ?

जब रुपये की मूल्य कम होजायेगा विदेशों में काम करनेवाला पैसा हिन्दुस्तान में भेजकर उनको ज्यादा कमाई हो जायेगा। जब  रुपया की मूल्य बढेगा उनके कमाई कम हो जयेगा। इस का मतलब यह हैं कि खाद्य सामग्रियों का दाम बढेगा तो किसानों और विदेश में काम करनेवालों को मुनाफा होगा। परन्तू हमारा देश यह नहीं चाहता।  Agricultural produces की दाम कम रहें और बिना टाक्स या ड्यूटी की आयात निर्यात (Export Import) कर सके यही हमारे सरकार की कओशिश हैं या WTO का दबाव जारी हैं। भारी रकम सब्सिडी देकर चीनी का निर्यात गन्ने किसानों को मदद करने केलिले हैं क्या ? नहिं यह सब कुच्छ मध्यवर्ती (Middlemen) को मदद करने केलिये ही हैं। रबर आयात केलिये तायलन्ट से समझोदा (agrement) करके रबर बोर्ड की चेयरमान किसानों को मदद करने केलिये निर्यात करनेवालों को इक्कटा कर रहे हैं। आदरणीय कमलनाथ जी बोलता हैं कि भारत में रबर की कमी हैं और चेयरमान बोलते हैं कि रबर दिसंबर 31 तारिक को 1,41,000 टणें (Tonnes) ज्यादा स्टोक हैं।

खेती करके घाटे या भारी कर्ज की कारण किसान आत्महत्या (Suicide) करें तो भी कोई बात नहीं। खून पशीना बहाकर जो जमीन से पैदा करके कम या सस्ते दामों में सफेद कोलर (white collar) कर्मचारियों को खिलाना पिलाना किसानों के कर्तव्य हैं क्या ? किसान भी किसानों के खिलाफ हैं। अपने पैदा किया हुआ चीजों का ही सही दाम चाहते हैं। दूसरों के पैदा किया हुआ चीजें सस्ते में खरीदना ही चाहता हैं। अगर एक किसान दूसरे का पैदा किया हुआ चीजें सही दामों में (above cultivation cost & profit) खरीदेगा तो किसी को हिम्मत नहीं होगा डोलर की मूल्य बढजायेगा या रुपये की मूल्य गिर जायेगा करके खाने पीने की चीजों का दाम गिराने का। क्यों कि किसानों की गिन्दी भारत में सबसे ज्यादा हैं।  

भारतीय किसानों के पैदा किया हुआ चीजें कम दामों में निर्यात करके उसी चीजें ऊँचे दामों में भसल उगालते वक्त पर आयात करना अपने खजाना लूटने की बराबर नहीं हैं क्या ? WTO किसानों के खिलाफ हैं।

क्या आपको पता हैं ? हिन्दुस्थान में हर बच्चा जनम लेता हैं भारी विदेशि कर्ज के साथ। सिर्फ केरल की विदेशि कर्ज 57,000 क्रोर हैं। यहाँ जो revenue income सरकार को मिलते हैं उसमें से 92% सरकारी कर्मचारियों का धनका और पेनषन (pension) केलिए और बाकि विदेशि कर्ज के interest देनें में लग जाता हैं। इस हालात में देश की विकास कैसे होगा ? World Bank, IMF, ADB आदी हमें विकास के नाम लूटेगा। हर State का यही हाल हैं।

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याहू के बारे में ताजा खबर मिलेगा तो इसी पन्ने पर जुडेगा।

याहू ने साहित्यिक चोरि की

र्घरेली औरत सूर्यगायत्रि की ब्लोग पोस्ट का चोरी कर्के वेबदुनियां ने याहू की पेज में छापी थी उस केलिये याहू ने अप्ने समाचार पन्नेपर माफी माँगी। अगर ऐसी गलतियों पर उस बात के खिलाफ हम इक्कटा हो जाये तो यहू जैसे ताक्कतवाला भी सर झुका देते हैं।
यह एक अच्छी शुरुवात हैं।

Few more links  as follows.

One   

Two  

Three  (यह इन्जिपेण्णु नाम की मलयालम ब्लोगर अंग्रेजि में हमारे नेत्रत्व कर् रही हैं।)

Four (यह उत्तश्‍ भारत की अंग्रेजी ब्लोग से वेबदुनिया ने चुराय हुआ चित्र का  सपूत हैं।)

Five (ग्लोबल वोइस के पन्ने पर भी ताजा खबर)

मध्यान्हचर्चा दिनांक : 09-03-2007

याहू का ठीकरा और के सर 

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Yahoo!

Picture Courtesy: Haree

Yahoo! India plagiarised contents from couple of blogs when Yahoo! launched their Malayalam and Hindi portal. The giant corporation hasn’t yet owned up to their responsibility nor did they apologize to the bloggers. When accused, they silently removed the contents. This is not acceptable. We need an apology! When asked for apology, Yahoo! India is now accusing WebDunia as their content provider. The contents appeared on Yahoo! domain and not on Webdunia’s Domain. Hence, we hold Yahoo responsible. I am protesting against this and joining hundreds of bloggers in this march against blatant corporate plagiarisation.

 

“याहू इन्डिया ने जब मलयालम एवं हिन्दी का पोर्टल लान्च किया तो ढेरों ब्लाग्स एवं वेबसाईट से सामग्री चोरी कर ली. इस भारी भरकम कम्पनी ने अब तक कोई ब्लागर समुदाय से न कोई जिम्मेदारी ली है न कोई क्षमा या खेद प्रगट किया है. जब याहू पर उंगली उठी तो उसने चुपचाप उस रचना हो हटा दिया. क्या यह स्वीकार किया जा सकता है?हम याहू से खेद प्रगट चाहते हैं. जब खेद प्रगट करने की मांग की गयी तो याहू ने बोला वेबदुनियां पर जिम्मेदारी डाल दी. यह सामग्री याहू की जालस्थल पर प्रकाशित हुई है न कि वेबदुनिया पर, इसलिये याहू को जिम्मेदार ठहराना एकदम उचित है. मैं अपने सैंकड़ों ब्लागर भाईयों के साथ आज मार्च ०५ २००७ को इस कम्पनी के बेधड़क चोरी के खिलाफ आवाज उठा रहा हूं”

 

  1. याहू का विरोध मत करो चन्द्रशेखरन!

  2. Ginger and mango latest in English

  3. नये हस्ताक्षर – 1

  4. होली का शहरी रंग

 

Key words: Yahoo!, plagiarism, WebDunia, copyright violation, content theft, Hindi, India, Protest

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आज हम कुच्छ साथियों ने याहू इन्टया की हमारे साथियों के ब्लोगों से लेख चुराने के खिलाफ अपने अपने पोस्टों में एक चित्र के साथ अमग्रेजि में और उसी के अप्ने भाशा में भी ट्रानसुलेट (transulate) करके आज पब्लिष (publish) करूँगा|
ह्में आप से यह निवेदन हैं की आप भी इसी दिन (5-3-07) एक पोस्ट का समरपण करें।
एक साथ हम मिल जाये तब उस ताक्कत याहू इन्टया को भारी पडेगा।
कैसे पोस्ट का समरपण करना आपलोग निरणय लें।

Ref.  Wikipedia (In English)

Key words: Yahoo!, plagiarism, WebDunia, copyright violation, content theft, Hindi, India, Protest

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