Posted in किसान, केरल, खबर, खेती, हिन्दी on April 22, 2007 | 7 Comments »
किसानों आप लोग सोरहा हैं क्या ? अब समय आगया जागने का। जो खाने पीने की दाम बढजायेगा तो रुपये का मूल्य कम होजायेगा । उस वजह से सबजी, चावल, गेहू आदी चीजों की दाम बढने से रोकने की केशिश चारों तरफ से हो रहा हैं। sharemarket की इन्डेक्स बढें, जाली रुपया फैलें(जो नहीं होना चाहिए), सरकारी [...]
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Posted in केरल, खबर, खेती, रबर, हिन्दी on February 27, 2007 | No Comments »
भारतीय स्वाभाविक रबर की उत्पादन दुनियां में चौथा स्थान पर हैं। उसमें 92 प्रतिशत केरल में से हैं। रबर एक ऐसे पेड हैं जिसका ‘सैलम’ याने की तना (Stem) की सफेद हिस्सा बहूत ज्यादा हैं। उसी वजह से गर्मी शुरु होने से पहले इस पेड के सारे के सारे पत्ते सूखकर गिर जाते हैं और [...]
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Posted in किसान, केरल, खेती, मिला जुला, हिन्दी on February 25, 2007 | 18 Comments »
मैं ने हिन्दी में प्रथम पोस्ट या लेख प्रकाशित किया है।
भारत वासियों केलिये केरल से एक मामूली किसान कुच्छ बातों के विशकलन कर रहा हूँ। भारत की आबादी बड रहा हैं। लेकिन खाने पीने की चीजों की कमी शुरु होगया। साथ ही गुण भी गायब हो रहा हैं। क्यों कि जमीन कि जैव संपत्ति खतम [...]
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