मैं चन्द्रशेखरन नायर केरल में तिरुवनन्तपुरम जिने का रहनेवाला 58 साल (उम्र) के पूर्व सैनिक हूँ। मैं एस.एस.एल.सि तक पढा लिखा हूँ। हिन्दी में अच्छी तरह लिख नहीं सकता तो भी मेरा कोशिश जारि रहेगा।
चन्द्रशेखर जी…आपका स्वागत है…यह एक सुखद आश्चर्य है कि हिन्दी बेल्ट से इतना दूर बैठा कोई हिन्दी प्रेमी अपनी आकांक्षाएं, अभिव्यक्तियाँ , अपेक्षाएं और वेदनाएं हिन्दी में लिख रहा है/ इस कोशिश का हार्दिक स्वागत है
आपको मेरा नमस्कार.
भूमंडलीकरण के प्रभावों पर कुछ लिखिये. केरल में खेती-किसानी पर क्या असर हो रहा है थोड़ा उसके बारे में बताईये. मैं आपके ब्लाग का लिंक अपनी साईट पर दे रहा हूं.
चंद्रशेखरण जी
पहली तो बात यह कि आपकी हिंदी बहुत अच्छी है. दूसरी यह कि यह जान कर बहुत अच्छा लगा कि कोई है ब्लोग की दुनिया में भी जो किसानों की मुश्किलें उठा सकता है. सच कहूं तो मुझे आपसे प्रेरणा मिली. आप नियमित रुप से और लगातार लिखिए. ताकि व्यवस्था के हाशिए पर चले गए किसानों की समस्याएँ दुनिया के सामने आ सकें.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक निर्णय में कहा है कि यदि कोई विवाहिता, पति की नपुंसकता से हताश होकर आत्महत्या करती है तो ऐसे अपराध के लिए नपुंसक पति भी कानूनी रूप से जिम्मेदार होगा। यह निर्णय न्यायमूर्ति
मुंबई में आम खाने की मजेदार प्रतियोगिता देखिये रायटर के इस वीडियो में।  30 प्रतियोगियों ने तीन मिनट में अधिक से अधिक आम खा कर दिखाने थे। जो जीता उसे इनाम में आम की एक पेटी और मिली खाने के लिये।
'ऐसी किसी भी सोचने वाली चीज पर भरोसा कभी मत करो, जिसके बारे में यह न पता हो कि उसका दिमाग कहां है।'- हैरी पॉटर ऐंड द चैंबर ऑफ सीक्रेट्स
(संदर्भ- यह सूक्ति जिनी वीज्ली (जो सात खंडों की श्रृंखला के
बात चाहे भौतिक जगत की हो अथवा ज्योतिष की योग(Astrology Yog) शब्द से स्पष्ट होता है कि इसमें दो तत्व शामिल हैं। हमारा विषय ज्योतिष है अत: हम ज्योतिष के सम्बन्ध में योग की चर्चा करेंगे कि योग कैसे बनते
मै एक नारी हूं.बचपन से ही सुनती आयी हूं, नारी देवी के समान है.जब छुटपन में नवरात्रों की अष्टमी- नवमी के दिन कन्या के रूप में बुला कर पैर पूजे जाते थे, पैसे और उपहार दिये जाते थे तो सच में मुझे अपने
.... लगता है जाकर गाड़ी चलाने वाले से रोक कर पुछू, आप झारखण्ड में कहा से हैं??? JH-01 रांची में गाडियों का नम्बर प्लेट होता है, मतलब की गाडियों का रजिस्टेसन नम्बर। बड़ा अच्छा अच्छा सा लगता है। दिल्ली
कमल के विशाल फूल के अंदर चुकुमुकु बैठे बस एक चिंता थी । बडी गहरी चिंता । ये जो सफेद कपडे पहन रखे थे , सफेद मोज़े सब पर कमल के फूल का गुलाबी गेरुआ रंग लकीरें खींच रहा था । कल कुकी और बेबी को कैसे
उन्होंने बहुत प्यार से बिठाया, चाय पिलाई और कहा कि इंशाअल्लाह...हम आपको वीज़ा दे देंगे। इत्मीनान रखिये। यह कहकर उन्होंने वीज़ा के लिए एक फार्म भरवाया और मेरा पासपोर्ट रख लिया है-क्लीयरेंस और मुहर
हम फिल्मों में काफी पहले से देखते आ रहे हैं कि जुड़वा भाईयों के बीच इतना प्यार होता है कि एक को मारे तो दूसरे को लगे। ऐसा ही कुछ रिश्ता हमारा अमेरिका के साथ हो गया है। खाएं हम पेट दरद हो उनका। अरे,
पहुंचते-पहुंचते लेट हो गया। ऑफिस के ही सहायक वर्मा की डेथ हो गई थी। मातमपुर्सी में जाना था। पहुंच गया। अंदर पहुंचते ही मरघट सा सन्नाटा महसूस हुआ। बहरहाल, वर्मा के परिजनों से मिलकर दुख प्रकट किया।
भवानीप्रसाद मिश्र की यह कविता आज पेश है, सचमुच कभी न कभी हर कोई चाहता होगा चोंगा उठा कर फेंकना ......आईये आज भवानीप्रसाद मिश्र के संग सत्य स्वीकारें। मैं असभ्य हूं क्योंकि खुले नंगे पांवों चलता
यौनशिक्षा जरूरी है. क्यों जरूरी है? क्योंकि भारतीय यौन व्यवहार में उचक्कों जैसा व्यवहार करते हैं. मां से बेटी की दूरी बढ़ी तो सरकार और कंपनियों ने शिक्षित करने का यह जिम्मा अपने ऊपर ले लिया.
सम्मर कैंप से छुट्टी मिली ही थी कि महाराष्ट्र राष्ट्र भाषा सभा ,पुणे से बुलावा आ गया जी हाँ आप सभी के आशीर्वाद एवं शुभ कामनाओं को जो मैं अपनी झोली में समेटे जा रही थी.ये सच है कि मैं अपने आप को
घुघूती जी आज कल व्यस्त हैं। उनकी अनुमति से मैं उनकी किचन से आप के लिए लाई हूँ कुछ उपवास का खाना। साबूदाने की खिचडी एक कटोरी साबूदाने को आधा कटोरी से थोड़े कम पानी में भिगोएँ । चार पाँच घंटे भीगने दें
मैं ने अपने उर्दू ब्लॉग पर “खुदा से मिलो” नामक अब तक 21 लेख पोस्ट किये हैं, जिसका मतलब है “खुदा अमेरिका का मेहमान” (America, the host of Lord) और उसी पार्ट का आठवां लेख यहां
ये खुदा हैहिन्दी ब्लॉग जगत मे आज कल आतंकवादीयों की टांग खींची जा रही है तो फिर मैं क्यों चुप रहूँ? लेकिन मेरा अन्दाज़ सबसे अलग है, आतंक के मामले मे मैं खुदा को भी नही बखश्ता। तो पेश है उर्दू से हिन्दी
ये खुदा है
सददाम अदालत मे खडे बड बडाने लगेः जब हम ईराक के राष्ट्रपति थे इज़राईल हमारे सामने एक चूहे की तरह था और आज हम पिंजरे मे तो वोह शेर बन गया। खुदा ने सददाम की बात सुनी तो उन्हें तसल्ली दीः ऐसी
अम्मी ने मेरे लिए एक लडकी का फोटो साथ मे उसका बयुडाटा भेजा, वोह 22 वर्ष की BA पास खूबसूरत लडकी है साथ मे पांच वकत की नमाज़ी भी और उसका पूरा खानदान माशा-अल्लाह पक्का इसलामी और दीनदार है उन्हें भी पांच
ये खुदा हैआज फिर ईराक मे चालीस इनसानों के सर काट दिये जिस पर खुदा ने शुक्रिया अदा करते होवे अमेरिका से फरमायाः अच्छा किया ईराकियों को आपस मे लडवा दिया वरना कब तक खुदा अपना अज़ाब खर्च करे!? दूसरी तरफ
ध्यान रहे यहां इस चिट्ठे पर एक नई किस्तें शुरू की जारही है, इस सिरीज़ की चंद किस्तें इस चिट्ठे पर पोस्ट भी हो चुकी हैं जो कि सिर्फ एक आज़माईश थी कि हिन्दी मे पढने वाले इसे समझेंगे या नहीं? खैर यहां
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चन्द्रेटन्… आप्को शुभ्कामनायॆ। हिन्दी मै भी आप अप्ना कर्म कुशलता दिखाइए।
Very inspiring - best wishes all the way from the UAE.
farrukh
ചന്ദ്രഹ്സെഖര ജീ,
കാഫീ അച്ഛീ ഹിന്ദീ ഹൈ ആപകീ |
മൈ ഭീ ദൊ സാല കെരല (പാലക്കഡ്)രഹാ ഹൊ സൊ കൊര്ച്ചു മള്യാള്മ അരിയൊ
നമസ്കാരം
नायर जी… बहुत अच्चा … आपका कोशिश जरूर काम्याब होगा ।
मेरा शुभकामनाये आप का साथ हे ।
ये बहुत अछा हो गया / आप्को मेरा शुभ्कामनावोॅ के सात मेरा प्रणाम /
आपका बहुत बहुत स्वागत है कृपया लिखते रहें
आपका स्वागत है. भूलो को भूल कर कोशिश करते रहें. हम है ना पढ़ने के लिए.
हमारी शुभकामनाएं.
प्रिय भाई चंद्रशेखरन नायर !
हिंदी ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है. आपका आना हमारे लिये विशेष महत्व रखता है . गलतियों की चिंता न करें .
aapko meri shubhkamnayein
लिखते रहें । हम पढते रहेंगे ।
चन्द्रशेखर जी…आपका स्वागत है…यह एक सुखद आश्चर्य है कि हिन्दी बेल्ट से इतना दूर बैठा कोई हिन्दी प्रेमी अपनी आकांक्षाएं, अभिव्यक्तियाँ , अपेक्षाएं और वेदनाएं हिन्दी में लिख रहा है/ इस कोशिश का हार्दिक स्वागत है
आपकी कोशिश बहुत सराहनीय है. लिखते रहिये.
मैं कोच्चि में हूं एवं आपकी मदद के लिये उपलब्ध हू.
– शास्त्री जे सी फिलिप
आपको मेरा नमस्कार.
भूमंडलीकरण के प्रभावों पर कुछ लिखिये. केरल में खेती-किसानी पर क्या असर हो रहा है थोड़ा उसके बारे में बताईये. मैं आपके ब्लाग का लिंक अपनी साईट पर दे रहा हूं.
चंद्रशेखरण जी
पहली तो बात यह कि आपकी हिंदी बहुत अच्छी है. दूसरी यह कि यह जान कर बहुत अच्छा लगा कि कोई है ब्लोग की दुनिया में भी जो किसानों की मुश्किलें उठा सकता है. सच कहूं तो मुझे आपसे प्रेरणा मिली. आप नियमित रुप से और लगातार लिखिए. ताकि व्यवस्था के हाशिए पर चले गए किसानों की समस्याएँ दुनिया के सामने आ सकें.
आज इध्रर से आया । मैं भी हिन्दी लिखने का प्रयास करूंगा ।