यहू ने माफी माँगी
March 9, 2007 by चन्द्रशेखरन नायर
याहू के बारे में ताजा खबर मिलेगा तो इसी पन्ने पर जुडेगा।
र्घरेली औरत सूर्यगायत्रि की ब्लोग पोस्ट का चोरी कर्के वेबदुनियां ने याहू की पेज में छापी थी उस केलिये याहू ने अप्ने समाचार पन्नेपर माफी माँगी। अगर ऐसी गलतियों पर उस बात के खिलाफ हम इक्कटा हो जाये तो यहू जैसे ताक्कतवाला भी सर झुका देते हैं।
यह एक अच्छी शुरुवात हैं।
Few more links as follows.
Three (यह इन्जिपेण्णु नाम की मलयालम ब्लोगर अंग्रेजि में हमारे नेत्रत्व कर् रही हैं।)
Four (यह उत्तश् भारत की अंग्रेजी ब्लोग से वेबदुनिया ने चुराय हुआ चित्र का सपूत हैं।)
Five (ग्लोबल वोइस के पन्ने पर भी ताजा खबर)







सही है। बधाई!
सही कहा आपने, यह खबर देने के लिए बधाई।
याहू को चोरी करनी होगी तो हम आप ही बचे हैं क्या..? कोई ग़लती रही होगी..जो उन्होने सरलता से सुधार ली..आपकी ये अकड़ हास्यास्पद लग रही है..हाथी और चींटी के लतीफ़ों की याद दिला रही है..
जो भी हो, गलत का विरोध तो होना ही चाहिए.
आप लिखते रहें.
Thank you, Keralafarmer, for spreading the word.
It is very impressive that from Kerala, you write in Hindi! Keep it up!
@अभय तिवारी:
आप ऐसा सोचते हैं, ठीक है, हर किसी को अपनी सोच रखने का अधिकार है, लेकिन याहू कोई फन्ने खां नहीं है, जिस दिन आप ऐसी सोच रखने लगेंगे उस दिन आप उसके बराबर आने और उससे ऊपर उठने का हौसला रखने लगेंगे। याहू को यह जो विवादित सामग्री प्रदान की गई थी उनके अनुसार इसकी ज़िम्मेदार वह कंपनी है जिसको उन्होंने सामग्रियाँ पोस्ट करने के लिए भाड़े पर लिया है। तो यदि यह उस कंपनी की त्रुटि है तो निसंदेह किसी मूर्ख का कार्य रहा होगा। और याहू ऐसा कार्य क्यों नहीं कर सकता यह भी मुझे बताएँ!! नामी गिरामी ब्लॉगरों से सामग्री चुराने के बजाय छोटे-मोटे ब्लॉगरों से सामग्री चुराना बेहतर है क्योंकि पकड़े जाने का डर कम है!!
अमित जी - यह मेरा सोच विचार का बात नहीं हैं। सही बात यह हैँ जब याहू के पन्ने जर हमारे साथी की पोस्ट छापी थी तब विवादित सामग्री किसी और के नाम प्रदान की गई करके देखने वालों को पता नहीं कर सकता था। हमारे शिकायत के बाद याहू की पन्ने में से छापी हुई बात को हटाकर (वही सपूत हैं) नीचे वेबदिया का नाम पर सारे जिम्मेदारियाँ सौप दी। इन के आपस के कोणट्राक्ट के वारे में हमें जानने की आवश्यकता नहीं। याहू हाथी समान और हम चींटी लेकिन हम जब इक्कटा हुआ तब हाथी के पैर जमीन पर ठिकना मुशकिल पडा। उस हालात में याहू ने माफी माँगी। याहू को काम चलने केलिये हम जैसे करोडों कीडों का जरूरत हैं। हम सब याहू के सुविथा प्राप्त करने वाले हैं। इसका मतलब यह नहीं हमारे साथ कोइ गलती की जायें और हम चुप रहें।
विवादित सामग्री प्रदान की गई कंपनी के साथ हमारा कोइ हिसाब नहीं। वह उनके आपस का बात हैं। छापता हैं याहू के पन्ने पर इसलिये जिम्मेवारी भी उनका हैं। नहीं तो वेबदुनिया के पन्नों में ही छापने दो। हम नामी गिरामी ब्लॉगरों का बीच नहीं छोटे-मोटे ब्लॉगर ही जरूर पोते हुए भी आपस में मेलमिलाप जरूर रखता हैं। उसी वजह से ही दुनियाँ के कोने से याहू के खिलाफ आवाज उठा सका।
पहले टैप करने में मुश्किल था अब मुछे वह भी आसान हो रहा हैं हिन्दी इस्तेमाल करने वाला नहीं होते हुए भी।
किसान जी आप मेरी पूरी टिप्पणी को ही गलत भाव में ले गए। मैं तो श्रीमान अभय तिवारी से मुखातिब था जिनका मानना है कि याहू छोटे ब्लॉगरों से नहीं कुछ चुराएगा!!